Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बढ़ने-घटने के लकà¥à¤·à¤£, कारण और इलाज
जब पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने या घटने लगता है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जानते हैं इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव
à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ होता है जो महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों के शरीर में मौजूद होता है। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आ जाती है जब पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का लेवल या तो बढ़ने लगता है या घटने लगता है। इसके पीछे कई कारण छिपे हो सकते हैं। इसके अलावा कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ जैसे तनाव, सेकà¥à¤¸ लाइफ का खराब होना, थकान महसूस करना, छोटा कद, बालों का à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾, बांà¤à¤ªà¤¨ आदि लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में देखने को मिलते हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से बताà¤à¤‚गे कि पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने या घटने के पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण होते हैं। साथ ही इसके इलाज के बारे में à¤à¥€ जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में लो à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के कारण
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में लो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कई कारणों से हो सकता है ये कारण निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार है-
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण
पà¥à¤°à¥à¤· को à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ रोग होने के कारण
किडनी और लीवर से संबंधित रोग होने के कारण
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने के कारण।
वजन का à¤à¤• साथ कम हो जाने के कारण।
वजन का à¤à¤• साल बढ़ जाने के कारण।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में हाई à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के कारण
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में हाई à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के कई कारण हो सकते हैं यह निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार हैं-
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हाई à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ लीवर संबंधित रोग या किडनी संबंधी रोग के कारण हो सकता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ के शिकार हो सकते हैं।
जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दिल से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ होती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ हाई à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को अगर किसी à¤à¥€ चीज का तनाव है तब à¤à¥€ उसे ये समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
जब कोई à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ गोलियों का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन कर लेता है। तब à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मोटापे के कारण à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है
शरीर में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के टà¥à¤¯à¥‚मर के कारण यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के लेवल को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने के उपाय
यदि पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का लेवल बढ़ जाता है तो वह अपने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में थोड़ा सा बदलाव करके इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर कर सकते हैं।
वे अपने आहार में साबà¥à¤¤ अनाज जैसे- चावल मकà¥à¤•ा आदि के साथ-साथ फल में अनार और गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी, तिल, अलसी के बीज या लाल अंगूर आदि को जोड़ सकते हैं। इनके सेवन से à¤à¥€ शरीर में हाई à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ लेवल संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी डाइट में कà¥à¤› चीजों को निकालें, जैसे- दाल, मूंगफली, छोले, डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸, मीट, शराब, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ आदि से à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का लेवल असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |